लड़की को मोबाइल नहीं दिलाया तो किया ऐसा काम

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रेवाड़ी. मां द्वारा मोबाइल फोन नहीं दिलवाए जाने से खफा एक किशोरी ने कठोर निर्णय लेते हुए फंदे से झूल कर अपनी जान दे दी। जैसे ही यह खबर गांव में फैली तो लोग सदमे में आ गए। उसने यह कठोर कदम मरने से पूर्व मम्मी से मोबाइल फोन पर बातचीत करने के बाद उठाया। जानकारी के अनुसार मूलरूप से पानीपत के गांव सौंधी कलां का रहने वाला रामफूल जिला के जाटूसाना स्थित आईटीबीपी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। वह परिवार के साथ ही पास के गांव परखोतमपुर में रहता है। उसकी पत्नी गांव सोंधी कलां गई हुई थी। उसके दो बेटी व एक बेटा है। एक बेटी की शादी कर चुका है। दूसरी 16 वर्षीय बेटी 10वीं कक्षा पास करने के बाद पढ़ाई छोड़कर घर में ही रहती है। बताया जाता है कि कुछ दिन पहले रामफूल की पत्नी ने अपने बेटे को मोबाइल फोन दिला दिया था।
उसके बाद से ही बेटी भी मोबाइल दिलाने की जिद कर रही थी। उसने बुधवार की सुबह अपनी मम्मी से फोन पर बात करते हुए कहा – हैलो मम्मी… मुझे भी मोबाइल फोन दिला दो। भइया अपना फोन यूज नहीं करने देता है। लेकिन मम्मी ने फोन दिलाने से इंकार करते हुए फोन काट दिया। इसके बाद बेटी ने अपने छोटे भाई को ड्रैस पहनाई और तैयार कर स्कूल भेज दिया। इस समय घर पर कोई नहीं था। इस दौरान मोबाइल फोन दिलाए जाने से इंकार किये जाने पर दुखी और खफा बेटी ने घर पर ही फांसी लगा कर जान दे दी। उसका भाई दोपहर को स्कूल से जब घर लौटा तो बहन को फंदे से झूलते हुए देखा। उसने तुरंत इसकी जानकारी अपनी मां व पिता को दी। सूचना पाकर जाटूसाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया है। भाई ने बताया कि स्कूल जाने से पहले बहन ने उसको कहा था कि वह फांसी लगाकर जान दे देगी। परंतु वह कुछ समझ नहीं पाया और घर लौटा तो सच में बहन फांसी के फंद पर झूल रही थी। इस घटना से पूरा गांव अचंभित और सदमे में है। डीएसपी कोसली अनिल कुमार ने बताया कि मामले में मोबाइल नहीं दिलाने जैसी बात सामने आई है। किशोरी का शव पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है। मामले की जांच की जा
रही है।

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